लगातार कोशिश कठिन काम में मदद कर सकती है। वही कोशिश ऐसी स्थिति में भी रोके रख सकती है जिसका अब अर्थ नहीं बचा।

पहले लगा समय या पैसा अनुभव के रूप में मायने रखता है। लेकिन केवल वही अगला निवेश सही नहीं बना सकता।

एक उदाहरण

एक टीम महीनों से उत्पाद बना रही है। संभावित ग्राहक बार-बार कहते हैं कि समस्या उनके लिए इतनी ज़रूरी नहीं कि समाधान के पैसे दें।

टीम नई सुविधाएँ जोड़ती रहती है, क्योंकि रुकने से पिछला काम बेकार लगेगा। बचत कम हो रही है, लेकिन बैठकों में सबके त्याग पर ही बात होती है।

एक समीक्षा में कोई पूछता है: “अगर यह विचार हमें आज पहली बार मिलता, तो क्या हम बचा पैसा इसमें लगाते?” टीम समझती है कि उसका जवाब बदल गया है।

इस उदाहरण में, टीम परियोजना सावधानी से बंद करती है। ग्राहकों को बताती है, काम का रिकॉर्ड रखती है और बची ज़िम्मेदारियाँ पूरी करती है।

सिर्फ जारी रखने से पिछला खर्च वापस नहीं आता। रुकने से कुछ बचे साधन सुरक्षित रहते हैं। सीखे हुनर और मिली जानकारी आगे काम आ सकते हैं।

मैंने क्या सीखा

कठिन समय का मतलब हमेशा छोड़ना नहीं है। सीखने में समय लगता है और मूल्यवान ज़िम्मेदारियों में मतभेद या धीमी तरक्की हो सकती है।

केवल असुविधा नहीं, सुधार की संभावना भी देखें। नौकरी और रिश्तों की ज़िम्मेदारियाँ तथा जोखिम उत्पाद के प्रयोग से अलग होते हैं। नुकसानदेह स्थिति में धीरे-धीरे समीक्षा करने से पहले सुरक्षा पर ध्यान देना पड़ सकता है।

पूरी तरह थकने से पहले समीक्षा की तारीख तय करें। लिखें कि तरक्की कैसी दिखेगी और किन हालात में जारी रखना अनुचित होगा।

समीक्षा में पूछें कि एक और महीने की लागत क्या होगी और वास्तव में क्या बदल सकता है। पहले खर्च हुआ पैसा और खर्च करने का अकेला कारण नहीं होना चाहिए।

विराम, छोटी ज़िम्मेदारी, अलग तरीका या छोड़ने जैसे विकल्प देखें। किसी भरोसेमंद बाहरी व्यक्ति की राय लें। छोड़ें तो जहाँ सुरक्षित हो वहाँ बात स्पष्ट करें और उचित ज़िम्मेदारियाँ पूरी करें।

मैं चाहता हूँ कि मेरे बच्चे पिछली हर कोशिश को गलती कहे बिना दिशा बदल सकें। कोई फैसला पहले सही रहा हो और अब बदलना ज़रूरी हो सकता है। सीखने में यह समझना भी शामिल है कि कब जारी रखें और कब रुकें।

आज यह करके देखें

  1. आज के प्रमाण देखें।पुराने समय या पैसे का ज़िक्र किए बिना जारी रखने के कारण लिखें।
  2. समीक्षा का समय तय करें।सुधार का एक संकेत और उसे जाँचने की तारीख लिखें।
  3. एक विकल्प खोजें।भरोसेमंद व्यक्ति से विराम, बदलाव या ज़िम्मेदारी से छोड़ने पर बात करें।

आपके लिए एक सवाल

इस ज़िम्मेदारी को जारी रखना उपयोगी बने रहने के लिए क्या बदलना ज़रूरी है?